Surdas Ke Dohe In Hindi : सूरदास जी के 10 बेहतरीन दोहे जो आपको कही नही मिलेंगे

Surdas Ke Dohe In Hindi : नमस्कार दोस्तो मेरा नाम रवि शर्मा है ओर आज मैं आपको इस पोस्ट में Surdas Ke Dohe के बारे में बताऊँगा जो की आपको कही नही मिलेंगे ओर आपको Surdas Ji Ke Dohe से काफी कुछ सीखने को भी मिलेगा.

Surdas ke dohe in hindi

मैं आपको जो Surdas Ke Dohe Hindi Mai में बता रहा हु इनको आप अपनी स्कूल कॉलेज में भी सुना सकते है, तो चलिये शुरू करते है.

Surdas Ke Dohe In Hindi

Surdas Ji Ke Dohe

जो तुम सुनहु जसोदा गोरी। नंदनंदन मेरे मंदीर में आजू करन गए चोरी।।

हों भइ जाइ अचानक ठाढ़ी कह्यो भवन में कोरी। रहे छपाइ सकुचि रंचक ह्वै भई सहज मति भोरी।।

मोहि भयो माखन पछितावो रीती देखि कमोरी। जब गहि बांह कुलाहल किनी तब गहि चरन निहोरी।।

लागे लें नैन जल भरि भरि तब मैं कानि न तोरी। सूरदास प्रभु देत दिनहिं दिन ऐसियै लरिक सलोरी।।


Surdas Ke Dohe With Meaning

बूझत स्याम कौन तू गोरी
कहां रहति काकी है बेटी देखी नहीं कहूं ब्रज खोरी.

काहे को हम ब्रजतन आवतिं खेलति रहहिं आपनी पौरी
सुनत रहति स्त्रवननि नंद ढोटा करत फिरत माखन दधि चोरी.

तुम्हरो कहा चोरि हम लैहैं खेलन चलौ संग मिलि जोरी
सूरदास प्रभु रसिक सिरोमनि बातनि भुरइ राधिका भोरी.

अर्थ :– सूरदास जी अपने इस दोहे के द्वारा बताते है की जब भगवान श्री कृष्ण जी पहली बार राधा माता से मिलते हैं तो वे उनसे पूछते हैं की – हे गौरी तुम कौन हो , कहाँ रहती हो और किसकी बेटी हो मैंने पहले कभी तुमको ब्रज की गलियों में नही देखा  | इस पर राधा जी बोलती हैं की मै ब्रज क्यों आती मै तो अपने ही घर में खेलती रहती हूँ और मैंने औरतों से सुना है की नन्द का बेटा मखन और दही की चोरी करता फिरता रहता है.

राधा जी के मुख से ये बाते सुनकर श्री कृष्ण जी सफाई देते हुए कहते हैं की मैंने तुम्हारा क्या चुरा लिया और फिर बात को बदलते हुए कहते हैं की चलो मिल जुलकर खेलने चलते हैं | और इतना कहकर भगवान श्री कृष्ण ने भोली राधा को अपनी बातो में लगा लिया.


Surdas Ke Dohe Hindi Mai

बूझत स्याम कौन तू गोरी।
कहां रहति काकी है बेटी देखी नहीं कहूं ब्रज खोरी॥

मेरे लाल को आउ निंदरिया काहें न आनि सुवावै।
तू काहै नहिं बेगहिं आवै तोकौं कान्ह बुलावै॥


Surdas Ke Dohe In Hindi

इहि अंतर अकुलाइ उठे हरि जसुमति मधुरैं गावै।
जो सुख सूर अमर मुनि दुरलभ सो नंद भामिनि पावै॥

चारु कपोल लोल लोचन गोरोचन तिलक दिए।
लट लटकनि मनु मत्त मधुप गन मादक मधुहिं पिए॥


Conclusion :

दोस्तो के कुछ Fresh Surdas Ke Dohe थे आशा करता हु आपको जरूर पसंद आये होंगे.

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Surdas Ke Dohe In Hindi : सूरदास जी के 10 बेहतरीन दोहे जो आपको कही नही मिलेंगे
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